कुछ अटपटे सवाल, कुछ चटपटे जवाब | जयोम के मुख से | विविध - संकलन

कुछ अटपटे सवालों के चटपटे जवाब

और हम हुए लाजवाब...

चश्मे वाला स्टालिश जयोम

२२ अप्रैल

अब जयोम बहुत सवाल करने लगा है. अक्सर जवाब पता होने पर भी पूछता है.
तो हम लोग भी कभी ऐसे ही, जवाब पता होने पर भी उससे तरह तरह के सवाल पूछते हैं :)
वो जवाब भी बड़े दिलचस्प देता है. अक्सर ही हम लाजवाब हो जाते हैं.
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जयोम की सुमन दीदी उसको मालिश करके नहलाने से पहले छोटी सी लुंगी पहना देती है.
और वो सबको दिखाता फिरता है, और हम उसके फोटो खींचा करते हैं.
आज iPad पर वो फोटो देख रहा था, तो मैंने लुंगी वाला फोटो देखकर कहा,
"ये कौन है? ये लड़का कौन है?"
तो बोला, "ये लड़का मालिश करा के आया है. ये नहाने जा रहा है.”
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जब घूम कर वापस आता है, तो उससे पूछती हूं, "आप कौन हो?”
तो अपनी छाती पर हाथ रखकर बोलता है, "आपका बेटा”
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आज मैंने जयोम से पूछा, "डबल्यू फोर”? वो अटका, तो मैंने बताया, “वॉटरमेलन”.
चहक के पहले तो दोहराया, फिर बोला, “मैं तो सीख गया"
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आज सुमन दीदी ने पहले तो थोड़ा मीठा ऑरेंज जूस पिलाया. फिर जानबूझकर वो बिना चीनी डाले ले आई.
पिया, खट्ठा सा मुंह बना कर बोला, "इसमें चीनी डालो”
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कुछ दिन पहले जयोम सुमन दीदी के साथ ग्रॉसरी शॉप पर गया. अपने मन से बोला, “एक छोटी ब्रेड देना”
दरअसल मैं ग्राॅसरी का सामान फोन कर के बुलवा लेती हूं, और जयोम मुझे अक्सर ही “एक छोटी ब्रेड” कहते सुनता है.
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नया नया प्ले स्कूल जाने लगा है. कल किसी ने पूछा, स्कूल जाता है, तो मैंने कहा, हां, प्ले स्कूल जाता है.
तो जयोम कहता है, “नहीं प्ले स्कूल नहीं जाता हूं, स्कूल जाता हूं."
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जब सुबह सुमन दीदी छोड़ के आती है, तब थोड़ा सा रुंआसा हो जाता है. एक दिन, उसके पापा ने पूछा, आज स्कूल में क्या किया, तो बोला "मैं रोया था.”
पूछा, “क्यों”? तो हमेशा की तरह बस, “प्लीज़, रोया” बोलकर टाल रहा था. अनिरुद्ध भी पीछे पड़ गए, "नहीं बताओ, आप क्यूं रोए थे?”
तो बोला, “मुझे टेंशन हो रही थी”
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१५ अप्रैल

कहां जयोम छोटे छोटे शब्दों से अपनी बातें समझाता था, और अब, बढ़े बढ़े वाक्य जोड़ कर बोलने लगा है.

पहले कहता था, "मम्मा, आना है, पास”. अब कहता है, “मम्मा मुझे गोदी ले लो ना"
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मैं ज़रा घूमने गई थी छत पर, नीचे आई और घंटी बजाई, तो जयोम बाबू अपने स्कूल के बॅग में व्यस्त लग रहे थे.
मैंने हैलो बोला, तो कहने लगे, “मम्मा, मैं कुछ काम कर रहा था जब आप आए थे” :D
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जयोम को चश्मा बढ़ा प्रिय है. हमेशा बॅग में डाले रखता है. एक दिन उस दादी ने कहा,
चश्मा स्कूल लेकर जाते हो, तो कहता है, "नहीं स्कूल लेकर नहीं जाता हूं, माॅल लेकर जाता हूं"
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